फार्मा सेक्टर की मांगों के बीच शिक्षा में बड़ा परिवर्तन

फार्मा सेक्टर की मांगों के बीच शिक्षा में बड़ा परिवर्तन

भारत दुनिया के बड़े फार्मास्युटिकल निर्माताओं में शामिल है, लेकिन फार्मेसी शिक्षा की गुणवत्ता और इंडस्ट्री आवश्यकताओं के बीच अंतर पर सवाल उठ रहे हैं। तीन हजार से अधिक संस्थानों और हर वर्ष हजारों ग्रेजुएट्स के बावजूद व्यावहारिक दक्षता, रिसर्च और क्लिनिकल प्रशिक्षण में सुधार की जरूरत बताई जा रही है। बदलती टेक्नोलॉजी, डिजिटल हेल्थ और ग्लोबल रेगुलेटरी मानकों के दौर में शिक्षा प्रणाली के आधुनिकीकरण पर जोर बढ़ा है।