दवा का क्रांतिकारी आविष्कार, कराया पेटेंट

दवा का क्रांतिकारी आविष्कार, कराया पेटेंट

 

अहमदाबाद। लीवर डिसऑर्डर के ट्रीटमेंट के लिए लीडिंग फार्मास्युटिकल कंसल्टेंट और इन्वेन्टर (आविष्कारक) डॉ. संजय अग्रवाल ने एक अनोखे फार्मूले का आविष्कार किया है। फार्मूलेशन का पेटेंट नंबर 332746 के तहत कराया गया है और यह उपयोग के लिए बाजार में उपलब्ध है। यह सिनर्जिस्टिक ओरल फार्मास्युटिकल कॉम्पोजिशन लीवर संबंधित बीमारियों के इलाज में प्रभावकारी है। बता दें कि सामान्य तौर पर लीवर डिसऑर्डर चार प्रकार के होते हैं- अल्कोहोलिक, नॉन-अल्कोहोलिक, वायरल और नॉन-वायरल। लीवर डिसऑर्डर के कारण प्रतिवर्ष दुनियाभर में लगभग 2 मिलियन लोगों की मौत हो जाती है, जिनमें सिरोसिस की जटिलताओं के कारण 1 मिलियन और वायरल हेपेटाइटिस और कैंसर के कारण 1 मिलियन। यह नया आविष्कार दुनिया में लीवर डिसऑर्डर के इलाज के क्षेत्र में क्रांति है।

गौरतलब है कि डॉ. संजय अग्रवाल देश के लिडिंग इन्वेन्टर या आविष्कारक हैं। अभी तक इनको 40 पेटेंट अवार्ड प्राप्त करने का सौभाग्य मिला है और उनमें से 22 व्यावसायिक और स्थापित ब्रांड हैं। ये आईजेएम टुडे के एडिटर-इन-चीफ और क्वालफार्मा और द एंटीसेप्टिक के संपादकीय बोर्ड के माननीय सदस्य हैं। आविष्कारक ने न्यूट्रास्यूटिकल्स और ड्रग्स डोमेन में नए खोजों में हमेशा योगदान दिया है। उन्होंने न्यूरोप्रोटेक्शन के लिए गर्भावस्था-प्रेरित पैर में ऐंठन, पुराने ऑस्टियोअर्थराइटिस एंटीऑक्सिडेंट, डायबिटिक न्यूरोपैथी और ओरल स्प्रे के लिए पेटेंट फॉर्मूला विकसित किया है।

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